Patriotic Songs In Hindi for School Competition

“जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा“

“वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा, रहेगी जब तलक दुनिया, ये अफसाना बयां होगा“

गीत – 1

गीत – जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

फिल्म- सिकंदर-ए-आजम              

गीतकार – राजेंद्र कृष्ण

संगीतकार –  हंसराज बहल

गायक – मोहम्मद रफी

कलाकार – पृथ्वीराज कपूर, प्रेम नाथ, प्रेम चोपड़ा, और अन्य

जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

गुरुब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।

गुरु: साक्षात् परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।

जहां डाल डाल पर सोने की चिडिया करती है बसेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जहां सत्य, अहिंसा, और धर्म का पग पग लगता डेरा

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जय भारती, जय भारती, जय भारती, जय भारती,

ये धरती वो जहां ऋषि मुनी, जपते प्रभु नाम की माला,

हरी ओम, हरी ओम, हरी ओम, हरी ओम,

जहां हर बालक इक मोहन है, और राधा इक इक बाला,

और राधा एक इक बाला,

जहां सूरज सब से पहले आकर डाले अपना डेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जहां गंगा, जमुना, कृष्णा, और कावेरी बहती जाएं,

जहां उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को अमृत पिलवाए,

ये अमृत पिलवाए,

कभी ये तो फल और फूल उगाए, केसर कहीं बिखेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

अलबेलों की इस धरती के त्यौहार भी है अलबेले,

कहीं दीवाली की जगमग है, होली के कहीं मेले,

कहीं दीवाली की जगमाग है, होली के कहीं मेले,

होळी के कहीं मेले,   

जहां राग रंग और हंसी खुशी का चारों ओर है घेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जहां डाल डाल पर सोने की चिडिया करती है बसेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जहां आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले,

किसी नगर में किसी द्वार पर, कोई ना ताला डाले,

कोई ना ताला डाले,

और प्रेम की बन्सी जहाँ बजाता आए शाम सवेरा,

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जहां सत्य, अहिंसा, और धरम का पग पग लगता डेरा

वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा,

जय भारती, जय भारती, जय भारती, जय भारती.

(Image: Google Images)   

गीत – 2

गीत – वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

रहेगी जब तलक दुनिया, ये अफसाना बयां होगा,

फिल्म- फूल बने अंगारे –

निर्देशक – सूरज प्रकाश –

गीतकार – आनंद बख्शी

संगीतकार – कल्याणजी आनंदजी

गायक – मोहम्मद रफी

कलाकार – राज कुमार, माला सिन्हा, मुमताज बेगम, और अन्य

हिमालय की बुलंदी से, सुनो आवाज़ है आई,

कहो माओं से दें बेटे, कहो बहनो से दें भाई,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

रहेगी जब तलक दुनिया, ये अफसाना बयां होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

हिमालय कह रहा है,  इस वतन के नौजवानों से,

खड़ा हूं संतरी बनके, मैं सरहद पे ज़मानों से,

भला इस वक्त देखूं कौन मेरा पासबाँ होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

चमन वालों की गैरत को, है सैयादों ने ललकारा,

उठो हर फूल से कह दो, कि बन जाए वो अंगारा,

नहीं तो दोस्तों रुसवा हमारा गुलसितां होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

हमारे इक पडोसी ने हमारे घर को लूटा है,

हमारे इक पडोसी ने हमारे घर को लूटा है,

भरम इक दोस्त की बस दोस्ती का ऐसे टूटा है,

कि अब हर दोस्त पे दुनिया को दुश्मन का गुमाँ होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

सिपाही देते हैं आवाज माताओं को, बहनों को,

हमें हथियार दे दो, बेच डालो अपने गहनों को,

कि इस क़ुर्बानी पे क़ुर्बान, वतन का हर जवां होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा,

रहेगी जब तलक दुनिया, ये अफसाना बयां होगा,

वतन पे जो फिदा होगा, अमर वो नौजवां होगा।

(Image: Google Images)                   

Geeta Chadda: