Film-Majboor-Amitabh Bachchan has Terminal Brain Tumour

“Hamare Hisse Ki Khushi Humse Bach Kar Kahan Jayegi”

Film – Majboor

Producer – Premji

Director – Ravi Tandon

Writers – Salim Javed

Lyrics Writer – Anand Bakshi

Music Director – Laxmikant Pyarelal

Actors

Amitabh Bachchan

Parveen Babi

Pran

Farida Jalal

Sulochana

Master Alankar

Rehmaan

Madan Puri

Satyen Kappu

Iftekhar

Mac Mohan

Songs

1Roothe Rab Ko Manana Asaan Hai,

Roothe Yaar Ko Manana Mushkil Hai,

Singers – Mohammed Rafi and Asha Bhosale

2.  Dekh Sakta Hoon Main Kuchh Bhi Hote Hue,

Nahin Main Nahin Dekh Sakata Tujhe Rote Hue,

Singer – Lata Mangeshkar

3.  Dekh Sakta Hoon Main Kuchh Bhi Hote Hue,

Nahin Main Nahin Dekh Sakata Tujhe Rote Hue,

Singer – Kishore Kumar

4. Phir Na Kahana Micheal Daru Pee Ke Danga Karata Hai

Singer – Kishore Kumar

5.  Aadmi Jo Kahata Hai, Aadmi Jo Sunta Hai,

Zindagi Bhar Woh Sadayen Peechha Karati Hai

Singer – Kishore Kumar

Story

Amitabh Bachchan is in love with Parveen Babi. Amitabh Bachchan lives with his widowed mother,

handicapped sister Farida Jalal (she cannot walk without a wheelchair), and younger brother Master Alankar.

Amitabh Bachchan is suffering from a terminal disease brain tumor. The doctor has told him that he will be alive

only for the next six months.

 In an attempt to provide money for the upbringing of his family, Amitabh Bachchan falsely takes responsibility

for a murder for which he is about to get Rs 5 lakhs. He leaves clues for the police to chase him. On getting the clue,

the police catch him and arrest him on the charge of murder.

Amitabh Bachchan suffers a brain tumor attack while in jail, and the jail authorities take him to the hospital,

where he has a successful operation. Amitabh Bachchan is now a proven criminal on charges of kidnapping,

ransom, and murder. These charges he himself has confessed in court before the successful brain operation.

He is worried about his family and himself.

To save himself from the death penalty and in search of the real killer, Amitabh Bachchan runs away from

the hospital. He is helped by a famous thief  Pran. After going through several twists and turns, the plot of

the perpetrator comes to the fore in the climax of the film, and the real culprit is caught. Amitabh Bachchan

is acquitted by the police and everyone lives happily thereafter.

(Image: Google Images)

फिल्म – मजबूर

निर्माता – प्रेमजी

निर्देशक – रवि टंडन

लेखक – सलीम जावेद

गीतकार – आनंद बक्शी

संगीतकार – लक्ष्मीकांत प्यारेलाल

कलाकार –

अमिताभ बच्चन

परवीन बाबी

प्राण

फरीदा जलाल

सुलोचना

मास्टर अलंकार

रहमान

मदन पुरी

सत्येन कप्पू

इफ्तेखार

मैक मोहन

गीत

1.रूठे रब को मनाना आसान है,

रूठे यार को मनाना मुश्किल है

2. देख सकता हूँ मैं कुछ भी होते हुए,

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रोते हुए

3. देख सकता हूँ मैं कुछ भी होते हुए,

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रोते हुए

4. फिर ना कहना माइकल दारू पी के दंगा करता है

5. आदमी जो कहता है, आदमी जो सुनता है,

ज़िन्दगी भर वो सदाएँ पीछा करती हैं

हिंदी फिल्म – मजबूर

कहानी

अमिताभ बच्चन परवीन बाबी से प्यार करता है. अमिताभ बच्चन अपनी विधवा मां, अपाहिज बहन फरीदा जलाल

(वो व्हीलचेयर के बिना चल फिर नहीं सकती है) और छोटे भाई मास्टर अलंकार के साथ रहता है अमिताभ बच्चन

टर्मिनल ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित है, और उसके पास जीने के लिए केवल 6 महीने हैं।

अपने परिवार के लालन पालन के लिए राशि  प्रदान करने के प्रयास में  अमिताभ बच्चन एक हत्या की झूठी जिम्मेदारी

लेता है जिसके एवज में उसे 5 लाख रुपये की राशि मिलती वाली है ।  वह पुलिस को पीछा करने के लिए सुराग छोड़ देता है।

सुराग मिलने पर पुलिस उसे पकड़ लेती है और हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर देती है।

अमिताभ बच्चन को जेल में रहते हुए, सर दर्द वाले ब्रेन ट्यूमर (BrainTumour) का अटैक आता है और जेल अधिकारी

उसे अस्पताल ले जाते हैं, जहाँ उसका सफल ऑपरेशन होता है। अमिताभ बच्चन अब अपहरण, फिरौती और हत्या के

आरोप में सिद्ध अपराधी है, सफल ऑपरेशन होने से पहले ये इलज़ाम उसने खुद ही कोर्ट में कबूल किया है।

मौत की सजा से खुद को बचाने के लिए और असली कातिल की तलाश में अमिताभ बच्चन अस्पताल से भाग जाता है।

उसे एक नामी चोर प्राण  मदद करता है। कई मोड़ों से गुजरने के बाद फिल्म के क्लाइमेक्स में मुजरिम ने की हुई,

साजिश सामने आती है, और असली अपराधी  पकड़ा जाता है। अमिताभ बच्चन  को पुलिस बा-इज़्ज़त बरी कर देती है

और सब राज़ी ख़ुशी मिलकर रहते हैं।

आशा है आपको ये लेख पसंद आया होगा।

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